Month: August 2022

  • नीतीश कुमार पलटू राम हैं -चंद्र उदय कुमार मुन्ना

    आलेख :- समाजसेवी चंद्र उदय कुमार मुन्ना ,नीतीश कुमार को पलटू राम या कुर्सी कुमार कहना उनकी राजनीतिक काबिलियत को छोटा करने की कोशिश है। लेकिन सच ये है कि राजनीति के वे माहिर खिलाड़ी हैं। अपने धुर विरोधियों को भी अपना समर्थक बनाना उन्हें खूब अच्छे से आता है। बिहार की 7 पार्टियां जो कलतक नीतीश कुमार के विरोध में थी, आज उनके समर्थन में हैं। धुर विरोधी राजद और अपनी विचारधारा को लेकर अडिग रहने वाली कम्युनिस्ट पार्टियां भी इनमें शामिल हैं। ये नीतीश कुमार की काबिलियत है कि हर कोई नीतीश कुमार को अपना बनाना चाहता है और जैसे ही नीतीश हामी भरते हैं, विरोधी समर्थन में मजबूती से उठ खड़े होते हैं। आज जो तेजस्वी यादव और लालू यादव का पूरा कुनबा-परिवार और पार्टी नीतीश कुमार को पीएम मैटेरियल बता रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष का नेतृत्व करने के लिए आगे बढ़ने को कह रहे हैं, उसी तेजस्वी यादव और राजद परिवार ने नीतीश कुमार को 2017 में पलटू राम कहा था। कलतक जो बीजेपी कलतक नीतीश कुमार की पालकी ढो रही थी, वही बीजेपी आज उन्हें धोखेबाज और कुर्सी कुमार कह रही है।

    नीतीश कुमार धोखेबाज हैं, पलटू राम हैं, कुर्सी कुमार हैं, उनकी कोई निश्चित पॉलिटिकल आइडियोलॉजी नहीं है, राजनीति में वह भरोसे के लायक नहीं हैं, कब वह साथी बदल लें, कोई नहीं जानता आदि आदि, यही सब जुमले उनके साथ आरोप के तौर पर मढ़े जाते हैं, लेकिन बावजूद इसके सब नीतीश कुमार के साथ आने को लालायित रहते हैं-क्यों? और जैसे ही साथ आते हैं, क्यों सब कसीदे पढ़ने लगते हैं?

    पलटू राम का आरोप नीतीश कुमार पर 2017 में लगा था, जब नीतीश राजद-कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों का साथ छोड़ वापस बीजेपी के साथ चले गए थे। लेकिन दिलचस्प बात देखिए कि जो भरोसे के लायक नहीं हैं, उसी नीतीश के पाला बदलने से बिहार ही नहीं, पूरे देश के विपक्ष में खुशी और उम्मीद की लहर दौड़ गई है। नरेंद्र मोदी सरकार से त्रस्त और घबराए-किंकर्तव्यवईमूढ़ विपक्ष को एक ढाल मिल गया है। रातोंरात देश का पॉलिटिकल नैरेटिव चेंज हो गया है।

    बीजेपी इसी नैरेटिव के बल पर विपक्ष को रौंदती चली जा रही थी कि नरेंद्र मोदी का विकल्प नहीं है। बीजेपी के राष्ट्रीय नेता से लेकर बिहार बीजेपी के चंपू नेता तक 2020 के विधानसभा चुनाव के बाद कहने लगे थे कि नीतीश कुमार की पार्टी की कम सीटें हैं, फिर भी हमने उनको मुख्यमंत्री बनाया, ये बीजेपी और नरेंद्र मोदी और अमित शाह जी का बड़प्पन है। उन्होंने कभी ये नहीं स्वीकारा कि चिराग पासवान को मोहरा बनाकर नीतीश कुमार को धोखा दिया। पिछले दो सालों में मोदी-शाह की टीम ने नीतीश कुमार को छोटा करने का कोई दांव नहीं छोड़ा। और जिस नीतीश कुमार को बीजेपी ने शिवसेना के उद्धव ठाकरे की तरह निबटाने की तैयारी कर दी थी, उसी नीतीश कुमार ने आठवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हुए कह दिया हम तो पीएम के दावेदार नहीं हैं, लेकिन जो पीएम हैं वो 2024 में रहेंगे कि नहीं रहेंगे, नहीं पता।

    और इस एक लाइन के बयान से देश की राजनीति में उबाल आ गया। हताश और बिखरा विपक्ष खिल उठा और बीजेपी में उदासी पसर गई। बिहार बीजेपी का रोना पीटना कल से पूरा देश देख रहा है। बीजेपी के राष्ट्रीय नेता चुप हैं, जैसे पाला मार गया हो।

    टीवी चैनलों पर विद्वान विश्लेषक बहसे कर रहे हैं। नीतीश कुमार को लेकर, विपक्ष को लेकर, बीजेपी और नरेंद्र मोदी को लेकर नया नैरेटिव गढ़ रहे हैं। लेकिन ज्यादातर विश्लेषक यहाँ आकर ठहर जाते हैं- नीतीश कुमार पलटू नेता हैं, पता नहीं कब पलट जाएँ। लेकिन विडंबना है पलटने की वजह जानने के बाद भी विद्वान विश्लेषक इस तथ्य के पीछे के सच का विश्लेषण करना जरूरी नहीं समझते। पालतू मीडिया दिन रात नरेंद्र मोदी और आर एस एस के पक्ष और पसंद का नैरेटिव गढ़ने में लगा है, यह तो समझ में आता है, लेकिन बाकी मीडिया में भी नीतीश के पक्ष का नैरेटिव गढ़ने वाला कोई बुद्धिजीवी नजर नहीं आता।

    देश की लगभग सारी पार्टियों और नेताओं ने अपना पाला बदला। याद कीजिए आजादी की लड़ाई के समय कम्युनिस्ट पार्टियां और आरएसएस क्या कर रहे थे? कांग्रेस को हटाने के लिए गैर कांग्रेसियों ने क्या नहीं किया। सत्ता के लिए बीजेपी और कम्युनिस्ट पार्टियां भी एक नाव पर सवार हुईं। वंशवाद, भ्रष्टाचार और तानाशाही से लड़ने के नाम पर संघ और बीजेपी से हाथ मिलाने से परहेज नहीं किया और जब बीजेपी मजबूत हो गई तो सांप्रदायिकता और तानाशाही से लड़ने के नाम पर वे सब काँग्रेस के साथ चलने को खुशी खुशी तैयार हैं। क्या ये पलटना नहीं है? क्या ये आइडियोलॉजी के साथ चलना है?

    नीतीश कुमार ने भी तो वही किया। बीजेपी जब नरेंद्र मोदी को नेता चुन रही थी, तब उन्होंने नरेंद्र मोदी का विरोध किया और अलग हो गए। राजद-कांग्रेस-कम्युनिस्ट पार्टियों के साथ गए और जब राजद ने अपनी मनमानी शुरू की तो फिर से बीजेपी के साथ हो लिए। और जब बीजेपी ने तानाशाही रुख अख्तियार कर लिया तो राजद-कांग्रेस-कम्युनिस्ट गठबंधन को साथ ले लिया। एक तरफ गड्ढा दूसरी तरफ खाई। नीतीश कुमार ने दोनों से बिहार को बचाने की कोशिश की और बचाया भी।

    लेकिन क्या कभी उनपर लालू प्रसाद के जैसा भ्रष्टाचार और वंशवाद का आरोप लगा? क्या बीजेपी के साथ रहने के बाद भी कभी सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने या कहें धर्मनिरपेक्षता के भाव को नुकसान पहुंचाने का कोई काम किया? बल्कि इन दोनों मामलों में उन्होंने सारी पार्टियों से बेहतर काम किया।
    बंगाल में दशकों कम्युनिस्ट सरकार रही, पिछले दस साल से बंगाल में क्या हो रहा है? त्रिपुरा के हालात कैसे हैं? बीजेपी और नरेंद्र मोदी को रोकने के लिए कम्युनिस्ट पार्टियां क्या रही हैं? वैसे ही कांग्रेस के किस राज्य में हालात ठीक हैं? जहां बीजेपी सरकारें हैं वहाँ सांप्रदायिक सद्भाव और लोकतंत्र की क्या हालत है? लेकिन कांग्रेस, बीजेपी या कम्युनिस्ट सब अच्छी हैं, अपनी अपनी आइडियालोजी पर हैं, कोई पलटू नहीं हैं।

    क्या बिहार में नीतीश कुमार ने जो राजनीतिक स्थिति-परिस्थिति बनायी है कि हर पार्टी उन्हें अपना साथी बनाना चाहती है, कोई उन्हें अछूत नहीं मानती और जिसके साथ वो जातें हैं, उसकी बाछें खिल जाती है- नीतीश कुमार के कसीदे पढ़ने लगती हैं, क्या है इसकी वजह? उनकी पलटू राम, कुर्सी कुमार या अविश्वसनीयता की छवि या सबको साथ लेकर चलने की राजनीतिक कुशलता? सबका साथ सबका विकास नरेंद्र मोदी ने किया या नीतीश ने? 17 साल से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं- जातिवाद से बुरी तरह ग्रसित राज्य में कभी किसी जाति विशेष के साथ भेदभाव किया? बिहार जातीय नरसंहारों और सांप्रदायिक दंगों के लिए कुख्यात रहा है, दशकों ये सब झेला है, क्या नीतीश कुमार ने 17 साल के कार्यकाल में ऐसी स्थिति बनने दी? क्या कानून व्यवस्था, सड़क और बिजली की व्यवस्था तारीफ के योग्य नहीं है?

    बावजूद इसके नीतीश कुमार पलटू राम, कुर्सी कुमार हैं, राजनीतिक तौर अविश्वसनीय हैं तो इसलिए कि नीतीश ने अपने पक्ष में नैरेटिव गढ़ने वाले बौद्धिक नहीं बनाए। उन्होंने बस अपने काम से काम रखा। अपने परिवार को राजनीति से दूर रखा। जाति के गुंडे खड़े नहीं किए और न जाति के बौद्धिक गढ़े, जो उनके लिए टीवी पर आकर कसीदे पढ़े, अखबारों में आलेख लिखे। उन्होंने कार्यपालिका के काम में दखल देने वाले नेताओं पर लगाम लगाया। ध्यान रखा कि कानून का राज बना रहे। सांप्रदायिक सद्भाव न बिगड़े और बिहार में विकास हो।

  • अच्छी खबर: 12वीं हैं पास, तो बिहार पुलिस में इन पदों पर मिलेगी नौकरी, आज से आवेदन शुरू

    लाइव सिटीज, पटना: बिहार सेंट्रल सेलेक्शन बोर्ड ऑफ कांस्टेबल ने प्रोहिबिशन कांस्टेबल के पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे हैं. इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार जो इन पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे CSBC की आधिकारिक वेबसाइट csbc.bih.nic.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं. इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया आज यानि 13 अगस्त से शुरू हो गई है.

    इसके अलावा उम्मीदवार सीधे इस लिंक https://www.csbc.bih.nic.in/Default.htm पर क्लिक करके भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. साथ ही इस लिंक Bihar Police Recruitment 2022 Notification PDF के जरिए भी आधिकारिक नोटिफिकेशन को भी चेक कर सकते हैं. इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 76 पदों को भरा जाएगा

    उम्मीदवारों को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 12वीं पास होना चाहिए. उम्मीदवारों की आयु 1 जनवरी, 2022 को 18 वर्ष से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए. आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा में छूट दी गई है. सामान्य/बीसी/ईबीसी/ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 675 रुपये है. आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों, महिला उम्मीदवारों और थर्ड जेंडर के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 180 रुपये है.

    The post अच्छी खबर: 12वीं हैं पास, तो बिहार पुलिस में इन पदों पर मिलेगी नौकरी, आज से आवेदन शुरू appeared first on Live Cities.

  • जनादेश से विश्वासघात के खिलाफ नालन्दा में आयोजित महाधरना

    जनादेश से विश्वासघात के खिलाफ नालन्दा में आयोजित आज महाधरना क़ो श्री प्रेमरंजन पटेल जी ने सम्बोधित किया एवं ज़िला अध्यक्ष प्रोफ़ेसर रामसागर सिंह जी ने कहा, धरना का संचालन कर रहे सुधीर कुमार जिला उपाध्यक्ष भाजपा ने कहा की बिहार के सार्वभौमिक विकास के लिए बने जनोन्मुखी एनडीए गठबंधन को तोड़कर नीतीश कुमार ने बिहार के 12 करोड़ लोगों को पूनः धोखा दिया है | यह धोखा बिहार को 2005 से पूर्व वाले उसी अनिश्चिंतता के दौर में ले जाएगा जब सिर्फ अराजकता और भ्रस्टाचार का आलम था और जनता में लालू के शासन के खिलाफ जबरदस्त रोष था |नालन्दा की जनता को इस बात का कष्ट है की सुशासन के संकल्पों पर आधारित हमारे मॉडल को नीतीश कुमार की राजनीतिक महत्वाकांक्षा और झूठे अहंकार की बलि बनना पड़ा |

    जनादेश से विश्वासघात के खिलाफ नालन्दा में आयोजित महाधरना  जनादेश से विश्वासघात के खिलाफ नालन्दा में आयोजित महाधरना

    वर्ष 2010, 2015 और अब 2020 के विधानसभा चुनावों में आये जनादेश नितीश कुमार की महत्वाकांक्षा की भेंट चढ़ गए | लगातार तीन बार अपने गठबंधन के साथियों लगातार तीन बार धोखा देने का अद्भुत रिकार्ड नीतीश कुमार ने अपने नाम किया है | बिहार की जनता ने 2010 में राजद को मात्र 23 सीटों पर सिमटा दिया था परन्तु नितीश कुमार ने 2015 में महागठबंधन बनाकर राजद को पुनः जीवित कर दिया | अटल जी की सरकार में आपको खुलकर काम करने की आजादी मिली तभी आपकी साख स्थापित हुई वरना आपकी पहचान लालू यादव के पीछे-पीछे घूमने वाले एक साधारण नेता से ज्यादा नहीं थी भाजपा ने आपका जननेता बनने का मार्ग प्रशस्त किया और आप हमें धोखेबाज कह रहे हैं ? नालन्दा की जनता को अमन चैन और और विकास पसंद है और विगत 8 लोकसभा और विधानसभा के चुनावों के परिणामों ने इसको साबित किया है | इस बार के आपके राजनीतिक कलाबाजी ने बिहार का मार्ग पुनः अराजकता, परिवारवाद और अंधेरे में धकेल दिया है जहां से बिहार का विकास बेपटरी तो हुआ ही है साथ-साथ एक और पीढ़ी को राजद के हाथों बर्बाद होना तय कर दिया है | आप एक ऐसी वितृष्णा या एक ऐसे भविष्य की तलाश में हैं जो इस जन्म में आपको नहीं मिलेगी क्योंकि आपकी कुंडली में उसका योग नहीं है ? क्या राजद के साथ जाने के बाद सुशासन की आपकी तथाकथित विचारधारा अब भी प्रासंगिक रह सकेगी ?  समय न्याय करता है नीतीश जी और बिहार की जनता आपके इस कलाबाजी से आजीज आ चुकी है | एनडीए की राजनीतिक ताकत विकास की धारा में है भाजपा नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और अपने मौलिक विचारधारा के साथ आगे भी प्रवाहमान रहेगी और हमारा संकल्प कभी अन्यथा नहीं जाता इसका उदाहरण 2014 के लोकसभा चुनाव का परिणाम है | भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है और हम अपने नेतृत्व और विचारधारा के बल पर पुनः जनता का आशीर्वाद पाकर 2024 और 2025 में सरकार बनाएंगे लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर आपका भविष्य क्या होगा इसका आँकलन जरूर कर लीजिएगा । महा धरना को विधायक डॉक्टर सुनील कुमार जी एवं ज़िला पदाधिकारी , नालन्दा भाजपा परिवार ने सम्बोधित किया

  • पटना समेत 12 जिलों में होगी हल्‍की वर्षा, इन दो जिलों के लोग रहें संभलकर

    लाइव सिटीज, पटना: मौसम लोगों के लिए सुखद बना हुआ है. उमस भरी गर्मी से फिलहाल राहत मिली हुई है. राजधानी पटना समेत प्रदेश के दक्षिणी भागों के बक्सर, भोजपुर, भभुआ, औरंगाबाद, अरवल, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद समेत अन्य भागों में मेघ गर्जन, वज्रपात के साथ हल्के दर्जे की वर्षा का पूर्वानुमान है.

    वहीं प्रदेश के किशनगंज, कैमूर व राेहतास जिले के एक या दो स्थानों पर वज्रपात के साथ भारी वर्षा की चेतावनी है. इन मौसमी प्रभाव को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.

    शुक्रवार को रोहतास के चेनारी में 15.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई. राजधानी का अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि 37.7 डिग्री सेल्सियस के साथ सीतामढ़ी प्रदेश का गर्म शहर दर्ज किया गया. मौसम विज्ञानी की मानें तो प्रदेश में पूर्वी व दक्षिण पूर्वी हवा का प्रवाह बना हुआ है. वहीं मानसून ट्रफ पूर्वोत्तर अरब सागर से होेते हुए अहमदाबाद, रायसेन, रांची, पुरुलिया, दीघा होते हुए दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी की ओर गुजर रही है. इन सभी मौसमी प्रभाव के कारण प्रदेश में वज्रपात और हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा का पूर्वानुमान है.

    The post पटना समेत 12 जिलों में होगी हल्‍की वर्षा, इन दो जिलों के लोग रहें संभलकर appeared first on Live Cities.

  • न्यूज नालंदा – महिलाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, फिर मार दी गोली…

    बेन थाना क्षेत्र के इनायतपुर गांव में शुक्रवार को रास्ता पर कचरा फेंकने के विवाद में बदमाशों ने महिलाओं को गलियों में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। घटना के विरोध पर बदमशों ने एक युवक को गोली मार दी। मारपीट में परिवार के तीन सदस्य जख्मी हुए। गोली से जख्मी स्व. बालेश्वर यादव के पुत्र मुकेश कुमार, मारपीट में जख्मी उनकी पत्नी संगीता देवी, भतीजा विकास और भाभी अंजू देवी को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया।

    न्यूज नालंदा – महिलाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, फिर मार दी गोली…

  • न्यूज नालंदा – स्वतंत्रता दिवस परेड के पूर्वाभ्यास में जुटें पुलिसकर्मी…

    बिहारशरीफ मुख्यालय स्थित सोगरा स्कूल के मैदान में 15 अगस्त का मुख्य समारोह आयोजित होगा। समारोह के पूर्व पुलिसकर्मियों ने शुक्रवार को परेड का पूर्वाभ्यास किया। महिला एवं पुरुष बटालियन ने फूल ड्रेस रिहर्सल किया। डीएम शशांक शुभंकर एवं एसपी अशोक मिश्रा राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देंगे। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए इस बार भी स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। सोगरा मैदान के अलावे अन्य सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों में भी स्वतंत्रता दिवस की तैयारी शुरू कर दी गई है।
    75 वें स्वतंत्रता दिवस को बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारी चल रही है। इस बार सरकारी एवं निजी स्कूल दोनों पूरे समय तक खुले रहेंगे। इसके पूर्व झंडोत्तोलन के बाद छात्र और शिक्षक चले जाते थे। लेकिन इस बार स्वाधीनता दिवस के मौके पर स्कूलों को पूरी तरह से खोले रखने का फैसला किया गया है।

    न्यूज नालंदा – स्वतंत्रता दिवस परेड के पूर्वाभ्यास में जुटें पुलिसकर्मी…

  • न्यूज नालंदा – हत्या के प्रतिशोध में बेरहमी से हत्या , जानें वारदात…

    सिलाव थाना पुलिस ने शुक्रवार को ग्रामीणों की सूचना पर कुरथौर खंधा स्थित कुआं से बोरे मे बंद अधेड़ की लाश बरामद की। मृतक का हाथ-पैर बंधा था, गले पर रस्सी के निशान थे। शव पूरी तरह सड़ चुकी थी, उससे तेज दुर्गंध आ रही थी। मृतक सिकंदरा गांव निवासी स्व. तेतर रविदास का 43 वर्षीय पुत्र रामकृष्ण रविदास हैं। परिजन हत्या के प्रतिशोध अपरहण कर लाश गिराने का आरोप लगा रहे हैं। मृतक भूमि खरीद बिक्री का काम करते थे। पुलिस शव को पोस्टामर्टम के लिए सदर अस्पताल लाई।

    न्यूज नालंदा – हत्या के प्रतिशोध में बेरहमी से हत्या , जानें वारदात…

    थानाध्यक्ष पवन कुमार ने बताया कि अपहरण का केस दर्ज कर पुलिस अपहृत की तलाश में जुटी थी। अंदेशा है कि अपहरण के दिन ही अधेड़ की हत्या कर दी गई। दर्ज केस में हत्या की सुसंगत धारा लागू की जाएगी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है।

  • मुजफ्फरपुर में महिला ने नदी में लगाई छलांग, दादर पूल से बुढ़ी गंडक में कूदी, NDRF की टीम कर रही खोजबीन

    मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना के दादर पूल से एक महिला ने बुढ़ी गंडक नदी में छलांग लगा दिया। घटना के बाद काफी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गयी।

    सूचना मिलने पर अहियापुर थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची। NDRF की टीम को सूचना दी गयी। टीम ने मौके पर पहुंचकर खोजबीन शुरू की। हालांकि अबतक महिला का पता नहीं लगा है।

    स्थानीय लोगों से पुलिस ने पूछताछ शुरू की। बताया कि एक शादीशुदा महिला स्कूटी से आई थी। स्कूटी दूर लगाकर पूल से कूद गई। महिला ब्रह्मपुरा इलाके की रहने वाली बताई जा रही है। हालांकि अबतक उसकी पहचान नहीं हुई है।



    ब्रह्मपुरा इलाके से कुछ लोग मौके पर पहुंचे हैं। वे लोग बता रहे हैं कि उनके घर की एक महिला गयाब है। आशंका जता रहे हैं कि नदी में कूदने वाली महिला वही हो सकती है। हालांकि जबतक नदी में से लाश नहीं निकलती तबतक पहचान व सत्यापन करना मुश्किल है।

  • दिल्ली में डिप्टी CM तेजस्वी यादव ने PM मोदी और अमित शाह को ललकारा, कहा-बिहारी बिकाऊ नहीं टिकाऊ होता है

    लाइव सिटीज पटना: कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि नीतीश जी का हमसे फिर हाथ मिलाना बीजेपी के मुंह पर तमाचे की तरह है. उन्होंने आगे कहा कि ये सरकार जनता की सरकार है. बिहार विधानसभा में बीजेपी को छोड़कर सभी दल एक हो चुके हैं. यही दृश्य अब पूरे देश में दिखने वाला है. तेजस्वी यादव ने कहा कि आज जो माहौल है उसमें बीजेपी सिर्फ डरा कर सत्ता में आती है. बीजेपी का एक ही काम है जो डरेगा उसे डराओ जो बिकेगा उसे खरीदो. बीजेपी एक-एक एजेंसी को बर्बाद कर रही है. इनकी हालत तो पुलिस थाने से भी बदतर हो चुकी है. हम बिहार के लोग डरने वाले नहीं है. हमने पहले भी कहा था कि बिहारी बिकाऊ नहीं टिकाऊ होता है.

    तेजस्वी यादव ने कहा कि चाहे बात महंगाई की हो या फिर हिंदू -मुस्लिम की लड़ाई लड़ाने की, इन सब मुद्दों को लेकर बीजेपी को बिहार ने सबक सिखाया है. मैं सीएम नीतीश कुमार और सोनिया गांधी को धन्यवाद देता हूं. मैं लालू जी को भी धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने जिंदगी भर सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. दिल्ली में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत विपक्ष के बड़े नेताओं से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्षी दलों के शीर्ष नेतृत्व से हमारी मुलाकात हुई है. साथ ही सरकार बनाने में सहयोग देने पर सभी नेताओं को धन्यवाद दिया है. तेजस्वी ने बताया कि महागठबंधन की सरकार ही असली सरकार है.

    तेजस्वी यादव ने बीजेपी को बड़का झूठा पार्टी बताया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी वालों को सिर्फ ऊटपटांग काम करने में मजा आता है. तेजस्वी ने यह भी कहा कि अगर बीजेपी को बिहार से लगाव है, तो अब तक इसे विशेष राज्य का दर्जा क्यों नहीं दिया गया. हर जगह रोजगार पर चर्चा हो रही है, पर इस पार्टी को इससे कोई लेना-देना नहीं है. तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि बीजेपी ने राज्य में 19 लाख नौकरियां देने की बात कही, क्या उन्होंने 19 नौकरियां भी दीं? इसी तरह देश में 2 करोड़ नौकरियां देने की बात करते थे, लेकिन 80 लाख नौकरियां ही देते थे. तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि एक एडिटेड वीडियो चलाया गया, हमने उसका जवाब दिया. गिरिराज सिंह को पीएम मोदी से नौकरियों और विशेष पैकेज के बारे में पूछने का साहस करना चाहिए, जिसका उन्होंने राज्य को वादा किया था. बीजेपी झूठों की पार्टी है, मीडिया के सामने बैठे रहते हैं, क्या काम करते हैं?.

    बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई महागठबंधन सरकार के गठन के बाद उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पिता लालू प्रसाद यादव से आशीर्वाद लेने दिल्ली पहुंचे है. वहां वह अलग-अलग पार्टी के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं. इसी कड़ी में तेजस्वी यादव ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की. उसके साथ आरजेडी सांसद मनोज झा भी मौजूद रहे. इससे पहले तेजस्वी यादव ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी राजा से मुलाकात की. तेजस्वी ने कहा कि सरकार बनाने में सहयोग देने पर सभी नेताओं को धन्यवाद दिया है. बता दें कि पिछले दिनों बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को छोड़ कर महागठबंधन का हिस्सा बन गए.

    The post दिल्ली में डिप्टी CM तेजस्वी यादव ने PM मोदी और अमित शाह को ललकारा, कहा-बिहारी बिकाऊ नहीं टिकाऊ होता है appeared first on Live Cities.

  • न्यूज नालंदा – सिर धड़ से अलग होने से मौत, राखी बंधाने बहन के घर जाने निकला था…

    बहन के घर राखी बंधाने जा रहे अधेड़ का सिर धड़ से अलग हो मौत हो गई। घटना राजगीर-बख्तियारपुर रेल खंड पर नालंदा रेलवे स्टेशन के समीप शुक्रवार को हुई। घंटों बाद मृतक की पहचान नालंदा थाना क्षेत्र के नीरपुर गांव निवासी स्व. राज किशोर के 40 वर्षीय पुत्र अखिलेश कुमार के रूप में की गई। बिहारशरीफ रेल थाना पुलिस शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाई।
    मौत की खबर सुनकर परिजन अस्पताल पहुंच गए। जहां उनकी चीख पुकार गूंज रही थी। परिवार ने बताया कि अधेड़ राखी बंधाने के लिए बहन के घर जाने निकले थे। उसके बाद ग्रामीणों से परिवार को मौत की खबर मिली। रेल थानाध्यक्ष विजय बहादुर राम ने बताया कि ग्रामीणों से पूछताछ से ज्ञात हुआ कि पटरी पार करने के क्रम में अधेड़ ट्रेन की चपेट में आ गए। जिससे उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के हवाले कर दिया गया।

    न्यूज नालंदा – सिर धड़ से अलग होने से मौत, राखी बंधाने बहन के घर जाने निकला था…