Category: Bihar News

  • पटना: भारत में पहली बार हुई रोबोटिक लाइव सर्जरी, दुनिया भर के हजारों डॉक्टर ने इसे देखा

    लाइव सिटीज पटना: अनूप मास्टर कोर्स (एएमसी) 2022 का आयोजन होटल मौर्या में 27 और 28 अगस्त को हो रहा है. इसमें देश और विदेश से हड्डी के डॉक्टर जुड़ कर जोड़ प्रत्यारोपण के क्षेत्र में आए नए बदलाव की जानकारी हासिल कर रहे हैं. इस मौके पर देश में पहली बार जोड़ प्रत्यारोपण की लाइव रोबोटिक सर्जरी भी उन्हें देखने को मिली. देश के प्रसिद्ध रोबोटिक सर्जन और अनूप इंस्टीट्यूट ऑफ आर्थोपेडिक्स पटना के डायरेक्टर डॉ आशीष सिंह, कोलकाता से आए डॉ संतोष कुमार, हैदराबाद से आए डॉ आदर्श अन्नप्रेडी ने लाइव सर्जरी किया. 27 अगस्त को दोपहर 12 बजे पटना के होटल मौर्या में इसका उद्घाटन पटना हाईकोर्ट के जस्टिस पार्थ सारथी ने किया.

    इस कोर्स के बारे में जानकारी देते हुए डॉ आशीष सिंह ने बताया कि अनूप मास्टर्स कोर्स दो दिनों का अकादमिक कोर्स है. जिसे अनूप इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स एंड रिहैबिलिटेशन और बिहार आर्थोपेडिक्स एसोसिएशन की ओर से करवाया जा रहा है. इन दो दिनों में देश और दुनिया के प्रसिद्ध जोड़ प्रत्यारोपण विशेषज्ञ इस क्षेत्र में आए नए अपडेट और लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की जानकारी दी. इसमें नामचीन विशेषज्ञों ने कूल्हे और घुटने से संबंधित बीमारियों, जोड़ो को बचाने के लिए नई तकनीकों का उपयोग करने और जोड़ प्रत्यारोपण में सटीकता प्राप्त करने पर जानकारी दी.

    होटल मौर्या में इस दौरान रोबोट मौजूद रहा

    इसमें शामिल होने वाले डॉक्टरों को रोबोटिक तकनीक से होने वाली घुटने, कूल्हे आदि की लाइव सर्जरी को देखने का मौका मिला. मौर्या होटल में रोबोट मौजूद रहा जिसे भी वे देख और समझ सके. इस दौरान विशेषज्ञों से सवाल भी पूछ का मौका मिला. मौर्या होटल में इस दौरान करीब 350 डॉक्टर मौजूद रहे. वहीं जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब समेत विभिन्न देशों के करीब 10,000 विदेशी डॉक्टर वर्चुअल रूप से जुड़े.

    जोड़ प्रत्यारोपण की लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की दी गई जानकारी

    राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ आयोजित हो रहे इस दो दिवसीय एएमसी 2022 में साइंटिफिक सेशन, लेक्चर और लाइव सर्जरी के साथ ही इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित हुआ. जोड़ प्रत्यारोपण के विश्व स्तरीय विशेषज्ञों ने इसमें अपने अनुभव साझा किए. इसमें पटना के डॉ आर .एन .सिंह और डॉ आशीष सिंह जोड़ प्रत्यारोपण के क्षेत्र में आए नए बदलाव, मरीजों को जोड़ प्रत्यारोपण की जरूरत नहीं पड़े. इसकी नई तकनीक और स्टेम सेल, बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी नवीनतम तकनीक से मरीजों के इलाज की जानकारी दी.

    इस कोर्स का लाभ मिलेगा मरीजों को

    डॉ आशीष सिंह ने कहा कि इस कोर्स को करने के बाद सर्जनों को सर्जरी से जुड़ी तकनीकों, मरीज की संतुष्टि लेवल के साथ ही मरीज को दिए जाने वाले परामर्श कौशल को बेहतर करने में मदद मिलेगी. इसका लाभ रोगी और समाज को होगा. जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी के परिणाम में सुधार करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि अनूप इंस्टीट्यूट ऑफ आर्थोपेडिक्स पटना और बिहार आर्थोपेडिक्स एसोसिएशन की ओर से संचालित यह कोर्स पेशेवर संबंधों को बेहतर बनाने में मदद करता है. जिसके परिणामस्वरूप सर्जनों के बीच बेहतर सहयोग होता है.

    चार मरीजों की निःशुल्क सर्जरी हुई

    लाइव रोबोटिक सर्जरी में टोटल हिप रिप्लेसमेंट, टोटल नी रिप्लेसमेंट और हाफ नी रिप्लेसमेंट कर के दिखाया गया. जिसमें अपोलो दिल्ली से आए डॉ यश गुलाटी ने हाफ नी रिप्लेसमेंट किया. पटना के डॉ आशीष सिंह ने हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी किया. कोलकाता से आए डॉ संतोष कुमार ने रिप्लेसमेंट सर्जरी की. वहीं हैदराबाद के डॉ आदर्श अन्नप्रेडी ने भी ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी कर के दिखाया. चार मरीजों की सर्जरी इस दौरान निःशुल्क हुई.

    बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के सहयोग और मार्गदर्शन में यह सर्जरी हुई. इस सीएमई को रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन एडिनबर्ग, इंग्लैंड से मान्यता प्राप्त है. बिहार मेडिकल काउंसिल द्वारा भी इसे मान्यता प्राप्त है. इसे रोबोटिक सर्जरी की विश्व की सबसे बड़ी संस्था CAOS से भी मान्यता मिली हुई है. डॉक्टरों ने रोबोटिक सर्जरी की प्रैक्टिस भी की इसमें कोलकाता, दिल्ली, हैदराबाद, चंडीगढ़, अहमदाबाद, वाराणसी, जयपुर आदि शहरों के आर्थोपेडिक्स सर्जन भी शामिल हुए.

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  • शिवहर: पूर्व केंद्रीय मंत्री हरिकिशोर सिंह की 9वीं पुण्यतिथि पर मंत्री सुमित सिंह ने दी श्रद्धांजलि, जदयू के कई बड़े नेता रहे मौजूद

    लाइव सिटीज पटना: शिवहर के पूर्व सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री और जदयू नेता स्वर्गीय हरिकिशोर सिंह की 9वीं पुण्यतिथि पर मंत्री सुमित सिंह ने श्रद्धांजलि दी. रविवार को हरिकिशोर सिंह की मूर्ति का अनावरण हुआ. इस मौके पर उनके पैतृक गांव शिवहर प्रखंड के चमनपुर में मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री सुमित सिंह भी शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने जदयू नेता को याद करते हुए कहा कि समाजवादी विचारधारा के प्रख्यात नेता, कुशल प्रशासक और लोकप्रिय राजनेता हरी बाबू पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय वीपी सिंह की सरकार में विदेश राज्य मंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय गुजरालकी सरकार में सीरिया के राजदूत रहे थे.

    मंत्री सुमित सिंह ने कहा कि हरिकिशोर सिंह की लंबे प्रशासनिक और राजनैतिक अनुभव का लाभ लगातार पूरे शिवहर और बिहार को मिलता रहा था. सरल व्यक्तित्व के धनी और विदेश मामलों के पारंगत स्वर्गीय हरिकिशोर सिंह ने देश-प्रदेश नामक एक पुस्तक भी लिखी थी. जिसमें खाड़ी देशों की समस्या, भारत की विदेश नीति व अमेरिका की राजनीतिक हालात पर विस्तार से अपनी बात रखी थी. स्वर्गीय हरिकिशोर बाबू साल 2013 में आज ही के दिन हम सभी को छोड़ कर चले गए और इस दुनिया को अलविदा कह दिया. उनकी स्मृतियां आज भी शिवहर की जनता के जहन में है.

    रविवार को हरिकिशोर सिंह की मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में हरिकिशोर बाबू की धर्मपत्नी श्रीमती प्रतिभा सिंह, जदयू के राज्यसभा सांसद अनिल हेगड़े, शिवहर से सांसद रमा देवी , बेलसंड के विधायक संजय कुमार गुप्ता, जदयू के जिला अध्यक्ष कमलेश पांडे, पूर्व विधायक अजीत कुमार झा, MLC रेखा कुमारी शामिल हुई. इसके अलावे पूर्व विधायक राणा रणधीर सिंह चौहान, शिवहर जदयू जिलाध्यक्ष कमलेश पांडे, पूर्व विधायक मो. सरफुदीन, विधान पार्षद रेखा कुमारी, राजद जिलाध्यक्ष इस्तयाक खान, युवा जदयू प्रदेश सचिव हेमंत कुमार, जिला उपाध्यक्ष पप्पू सिंह, जिला उपाध्यक्ष राजेश शर्मा, नगर अध्यक्ष कल्याण पटेल, तकनीकी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष महबूब आलम, मीडिया प्रभारी रहमान शेख, किसान जिला अध्यक्ष मनोज कुमार, युवा जदयू अध्यक्ष अमित सिंह, प्रखंड अध्यक्ष अशोक शाह समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे.

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  • सुशील मोदी ने अब मंत्री सुरेंद्र यादव पर लगाए कई गंभीर आरोप, कुंडली निकालकर रख दी, CM से भी पूछा सवाल

    लाइव सिटीज पटना: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी सांसद सुशील मोदी महागठबंधन सरकार पर लगातार हमलावर है. सुशील मोदी नीतीश सरकार के मंत्रियों पर एक-एक कर आरोप लगा रहे हैं. इसी कड़ी में अब उन्होंने सहकारिता मंत्री सुरेंद्र यादव पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. सुशील मोदी ने कहा कि सुरेंद्र यादव जैसे आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल कर बिहार को नीतीश जी ने शर्मसार कर दिया. उन्होंने सुरेंद्र यादव को बाल यौन अपराध, महिला आरक्षण बिल कीकॉपी संसद में फाड़ने वाले, अतुल अपहरण कांड, मेडिकल छात्रों पर फायरिंग, तिलकुट व्यापारियों से हिंसक झड़प, कांग्रेस के पूर्व विधायक की निर्मम पिटाई का आरोपी बताया है.

    सुशील मोदी ने कहा कि 15 जून 2018 को एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़ित लड़की को मगध मेडिकल कॉलेज में मेडिकल जांच हेतु लाया गया. सुरेंद्र यादव सहित 25-30 लोगों ने पीड़ित नाबालिग लड़की जो पुलिस संरक्षण में थी, जबरदस्ती उसे गाड़ी से उतारकर उसका बयान लेना चाहा और इस दौरान उसका चेहरा उजागर कर दिया. यह मामला बाल यौन अपराध से जुड़ा है. इस मामले में सुरेंद्र यादव पर पॉस्को एक्ट की धारा 13 के तहत मामला दर्ज हुआ. सुरेंद्र यादव चार्जशीटेड है, जमानत पर है, चार्ज फ्रेम हो चुका है और मामले का ट्रायल चल रहा है. प्रेम प्रकाश जिसके घर से झारखंड में 2 एके-47 बरामद किया गया उसका संबंध भी सुरेंद्र यादव से है.

    सुशील मोदी ने आगे कहा कि 2006 में प्रेम प्रकाश राजभवन स्टेट बैंक में पदाधिकारी था. चारा घोटाला से जुड़े राजनेताओं की करोड़ों की राशि जो उसे अमानत के तौर पर रखने के लिए दी गई थी, लेकर फरार हो गया. राजनीतिक दबाव में पटना पुलिस हवाई जहाज से प्रेम प्रकाश को गिरफ्तार करने बड़ौदा गई. पुलिस उसके छोटे भाई अतुल प्रकाश को गिरफ्तार कर ला रही थी, इस दौरान गया में अतुल प्रकाश को ट्रेन से उतार कर पुलिस कस्टडी से अतुल का अपहरण कर सुरेन्द्र यादव, राज्य मंत्री, एक्साइज ने 4 दिनों तक घर में बंद रख यातनाएं दी. पुलिस ने किसी तरह सुरेंद्र यादव के घर से अतुल को बरामद किया. इस मामले में सुरेंद्र यादव को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. लंबे समय तक सुरेंद्र यादव को जेल में रहना पड़ा था. इस घटना ने पूरे बिहार को हिला दिया था।.

    सुशील मोदी ने कहा कि 1998 में लोकसभा में तत्कालीन गृह मंत्री से लालकृष्ण आडवाणी के हाथ से महिला आरक्षण बिल की प्रति को फाड़ कर पूरे देश में बिहार को शर्मसार किया था. उन्होंने कहा कि 31 जनवरी, 2011 को मगध मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों से झड़प हो गई. सुरेंद्र यादव के निर्देश पर उनके अंगरक्षकों ने गोली चला दी. जिसमें 3 जूनियर डॉक्टरों को गोली लग गई. डॉक्टरों ने पुलिस जीप में आग लगा दी थी. सुरेंद्र यादव को भागना पड़ा. इस मामले में उन पर गिरफ्तारी का वारंट भी निकला. सुशील मोदी ने कहा कि सुरेंद्र यादव की झड़प गया के तिलकुट व्यापारी से हो गई. यादव एवं उनके अंगरक्षकों ने दुकानदार को बुरी तरह से पीट दिया. तिलकुट दुकानदारों में से कुछ लोगों ने आत्म रक्षार्थ गर्म कड़ाही का तेल सुरेंद्र यादव पर फेंक दिया. यादव बुरी तरह जल गए. उन्हें दुकानदारों के आक्रोश के कारण भागना पड़ा. अगले दिन दुकानदारों ने पूरा बाजार बंद रखा.

    सुशील मोदी ने कहा कि 1991 लोकसभा चुनाव में गया से जीतन राम मांझी कांग्रेस के उम्मीदवार थे. सुरेंद्र यादव ने गया के पूर्व विधायक जय कुमार पालित की बुरी तरह से पिटाई कर दी. गंभीर अवस्था में पालित को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था. ईडी ने सुरेंद्र यादव के भाई राजकुमार उर्फ मंटू यादव की 9.26 करोड़ की संपत्ति को 2014 में जब्त कर लिया. 2012 में जहरीली शराब कांड जिसमें 20 लोग मरे थे उसका मंटू अभियुक्त था. ईडी ने देहरादून में दो मकान, गया में मार्केट कंपलेक्स, आलीशान मकान, गया और आसपास 15 प्लॉट जब्त कर लिया. मंटू यादव पर हत्या, अपहरण, रंगदारी के 11 मामले दर्ज थे.

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  • मंत्री सुरेंद्र यादव पर अब सुशील मोदी ने लगाया बहुत बड़ा आरोप, कहा-नीतीश कुमार कैसे सुशासन स्थापित करेंगे

    लाइव सिटीज पटना: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी सांसद सुशील मोदी महागठबंधन सरकार पर लगातार हमलावर है. सुशील मोदी नीतीश सरकार के मंत्रियों पर एक-एक कर आरोप लगा रहे हैं. इसी कड़ी में अब उन्होंने सहकारिता मंत्री सुरेंद्र यादव पर बड़ा आरोप लगाया है. मंत्री सुरेंद्र यादव के बहाने सुशील मोदी ने नीतीश सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सुरेंद्र यादव पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला समेत कई गंभीर आरोप है. उन्होंने सीएम नीतीश कुमार से पूछा है कि आप ऐसे लोगों को शामिल कर सुशासन कैसे स्थापित करेंगे.

    बीजेपी सांसद सुशील मोदी ने कहा कि मंत्री सुरेंद्र यादव का आपराधिक छवि है. वह कई गंभीर मामलों में आरोपी है. उन्होंने सुरेंद्र यादव का प्रेम प्रकाश से भी संबंध बताया है. हाल ही में प्रेम प्रकाश के घर से एके-47 मिला है. सुशील मोदी ने कहा कि सुरेंद्र यादव पर 2018 में नाबालिग लड़की का रेप का आरोप है. चार्ज फ्रेम हो चुका है और ट्रायल शुरू है. उन्होंने कहा कि अतुल अपहरण कांड का भी आरोपी है. सुरेंद्र यादव का प्रेम प्रकाश से भी संबंध है. सुरेंद्र यादव के मामले में जो खुलासा हुआ था उस मामले का खुलासा करने में शिवानंद तिवारी ने अहम भूमिका थी.

    सुशील मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल को भी सुरेंद्र यादव ने 1998 में तत्कालीन गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी के हाथ से लेकर फाड़ दिया था. उन्होंने कहा कि ED ने सुरेंद्र यादव के भाई राजकुमार उर्फ मंटू यादव की 26 करोड़ की संपत्ति को जब्त किया था. जहरीली शराब पीने से जिन बीस लोगों की मौत हुई थी. उस शराब माफिया का संबंध उनके भाई से था. इससे पहले भी सुशील मोदी ने कहा था कि मंत्रिमंडल में बाहुबलियों की भरमार है जिसकी वजह से बिहार में डरावने दिनों की वापसी तय है. उन्होंने कहा था कि मंत्रिमंडल के एक सहयोगी हैं सुरेंद्र यादव, जिन्हें सहकारिता मंत्री बनाया गया है. उनपर आईपीसी धारा 307 यानी हत्या की कोशिश का मामला दर्ज है. सुशील मोदी ने इन मंत्रियों के बारे में कहा है कि सुरेन्द्र यादव, ललित यादव, रामानंद यादव और कार्तिकेय कुमार जैसे विधायक मंत्री बनाये गए, जिनके नाम से इलाके में लोग कांपते हैं.

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  • सुशील मोदी की चुनौती पर ललन सिंह का पलटवार, कहा-2024 का डर बीजेपी को भयभीत कर रहा है

    लाइव सिटीज पटना: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी सांसद सुशील मोदी महागठबंधन सरकार पर लगातार हमलावर है. सुशील मोदी ने शनिवार को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह पर हमला बोला और लालू प्रसाद यादव को लेकर उन्हें चुनौती दी थी. अब ललन सिंह ने इसका पलटवार किया है. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने साफ कह दिया कि महागठबंधन व विपक्षी पार्टियों की एकजुटता के कारण 2024 के संभावित परिणाम से भाजपा का भयभीत होना स्पष्ट दिख रहा है. साथ ही उन्होंने सुशील मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि नीतीश जी से आपकी नजदीकी के कारण ही आप हाशिए पर लाए गए.

    जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंहने बीजेपी सांसद सुशील मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि आप आदरणीय नीतीश कुमार जी के घनिष्ठ मित्र रहे हैं, बिहार के विकास में सहकर्मी की अच्छी भूमिका निभाए हैं. भाजपा की बिहार व देश में विकास विरोधी नीतियों और नीतीश जी से आपकी नजदीकी के कारण ही आप हाशिए पर लाए गए. अब नए रोल में यदि आप पुनर्स्थापित होते हैं तो हमारी शुभकामनाएं आपको. वहीं ललन सिंह ने सुशील मोदी से सवाल पूछते हुए कहा कि एनडीए में कुल कितने सहयोगी थे, आज कितने बचे हैं?.

    ललन सिंह ने चुनौती देते हुए कहा कि क्या आज के भाजपा नेताओं में गठबंधन धर्म का सम्मान करने वाले नेता अटल-आडवाणी जी का नाम लेने की भी हिम्मत है?, नाम लेते ही किनारे लगा दिए जाएंगे! उन्होंने कहा कि गठबंधन धर्म सम्मान से निभाया जाता है न कि सहयोगी पार्टियों को अपमानित करने से. ललन सिंह ने कहा कि मोदी सरकार की विफलताएं, महागठबंधन व विपक्षी पार्टियों की एकजुटता के कारण 2024 के संभावित परिणाम से भाजपा का भयभीत होना स्पष्ट दिख रहा है.

    इससे पहले बीजेपी नेता सुशील मोदी ने ललन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि बदल गए वे जिन्होंने लालू यादव को जेल भिजवाया और घोटालों के कागजात उपलब्ध कराए. वहीं सुशील मोदी ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत हो तो ललन सिंह घोषणा करें कि लालू प्रसाद निर्दोष हैं और उनके विरुद्ध दिये गए सारे कागजात फर्जी हैं. सुशील मोदी ने कहा कि जिस आईआरसीटीसी घोटाले में तेजस्वी यादव पर चार्जशीट दाखिल है, उसके कागजात भी जांच एजेंसियों को ललन सिंह ने उपलब्ध कराए. उन्होंने कहा कि ललन सिंह ने जांच एजेंसियों का सहयोग किया, लेकिन अब उन्हें सीबीआई बुरी लग रही है.

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  • वैशाली में एक बार फिर तीन व्यक्ति की संदिग्ध मौत, जहरीली शराब पीने की आशंका

    लाइव सिटीज, वैशाली: बिहार में शराबबंदी बेअसर साबित होती नजर आ रही है. वैशाली जिले के राघोपुर में तीन लोगों की जहरीली शराब पीने से संदिगध मौत का मामला सामने आया है. इस मामले में दो की हालत गंभीर बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि पांच लोगों ने मिलकर एक साथ शराब पी थी.

    वहीं पुलिस का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामला स्पष्ट हो पाएगा. घटना राघोपुर प्रखंड क्षेत्र के बीरपुर गांव की है. यहां शुक्रवार की देर शराब पीने की बात ग्रामीण बता रहे हैं. तबीयत बिगड़ने पर पटना के फतुहा में स्थित किसी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया. जहां तीन की मौत हो गई और दो लोग अभी भी बीमार हैं.

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  • समस्तीपुर में बीजेपी नेता की हत्या, घर में घुसकर सरेआम मारी गोलियां, इलाके में सनसनी

    लाइव सिटीज, समस्तीपुर: बिहार का समस्तीपुर जिला इन दिनों पूरी तरह से अपराधियों की गिरफ्त में आ चुका है. लगातार होते अपराधिक वारदात के बाद समस्तीपुर में शहर से लेकर गांव तक दहशत का माहौल बनता जा रहा है. ताज मामला समस्तीपुर सदर अनुमंडल क्षेत्र का है जहां खानपुर थाना इलाके सिरोपट्टी गांव में बेखौफ बदमाशों ने बीजेपी नेता की गोली मारकर हत्या कर दी. मृतक स्वर्ण कारोबारी सह समस्तीपुर भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यसमिति सदस्य और खानपुर मंडल प्रभारी रघुवीर कुमार स्वर्णकार उर्फ नाथू जी थे.

    अपराधियों ने बीजेपी नेता और उनके सहयोगी दिलीप कुमार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना को अंजाम दिया. इस घटना में भाजपा नेता रघुवीर कुमार स्वर्णकार की अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई वहीं उनके सहयोगी दिलीप कुमार के हाथ में गोली लगी जो जख्मी हालत में अस्पताल में भर्ती है.

    गोलीबारी की इस वारदात को दो बाइक पर चार की संख्या में आए बदमाशों ने अंजाम दिया. अपराधियों के द्वारा इस घटना को उस वक्त अंजाम दिया गया जब बीजेपी नेता नगर चौक स्थित अपनी ज्वेलरी दुकान को बंद कर अपने घर पर पहुंचे थे और गाड़ी को दरवाजे पर खड़ा कर रहे थे.

    लोगों की मानें तो अपराधियों के द्वारा लगातार पांच राउंड फायरिंग की गया जिसमें भाजपा नेता और उनके सहयोगी जख्मी हो गए. गोलियों की आवाज सुनकर जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते तब तक बेखौफ बदमाश वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके थे. आनन-फानन में परिवार और गांव के लोग भाजपा नेता को बाइक के सहारे समस्तीपुर सदर अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो चुकी थी.

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  • पटना में बिगड़ सकते हैं हालात, गंगा उफनाई तो मानसून ने भी डराया, बिहार के लिए अगले दो दिन भारी

    लाइव सिटीज, पटना: बिहार के लोगों के लिए अगला हफ्ता भारी गुजरने वाला है, खासकर गंगा किनारे बसे जिलों के लिए. गंगा नदी बिहार में बक्‍सर से लेकर पटना तक खतरे के निशान को पार कर गई है. इस बीच मौसम विभाग ने गंगा के तटीय इलाके में भारी बारिश की संभावना जाहिर की है. इसे देखते हुए बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने रविवार से दो दिनों तक भारी से भारी वर्षा के पूर्वानुमान के मद्देनजर बाढ़ से बचाव के लिए चेतावनी जारी की है.

    जिलाधिकारी डा. चंद्रशेखर सिंह ने जिला प्रशासन के साथ आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों और प्राधिकार को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है. पटना के मनेर, दानापुर, पटना सदर, फतुहा, खुसरूपुर, बख्तियारपुर, अथमलगोला, बाढ़ और मोकामा प्रखंड विशेष सर्तकता बरतने का निर्देश दिया है. बाढ़ का खतरा बक्‍सर, भोजपुर, सारण, वैशाली, बेगूसराय सहित गंगा किनारे बसे सभी अन्‍य जिलों में भी है. हिमालय की तराई वाले इलाके में होने वाली बारिश का पानी अंत में गंगा में ही आना है. ऐसे में गंगा बक्‍सर से भागलपुर तक तबाही मचा सकती है.

    मौसम विभाग ने 27 और 28 अगस्त को हिमालय के तटीय क्षेत्र के अलावा बिहार के समीपवर्ती जिले में भारी से भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान जारी किया है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए संभावित बाढ़ से बचाव के लिए चेतावनी जारी किया गया है. जिलाधिकारी ने भारी वर्षा के कारण नदियों में बाढ़ की संभावना को देखते हुए जिले के सभी सीओ, बीडीओ, एसडीओ, चिकित्सा पदाधिकारी, आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग को आकस्मिक स्थित से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी करने का निर्देश दिया है.

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  • माननीय मुख्यमंत्री बिहार श्री नीतीश कुमार जी का आगमन

    माननीय मुख्यमंत्री बिहार श्री नीतीश कुमार जी का आगमन एकंगरसराय के गोमहर गांव तथा हरनौत प्रखंड के नेहुसा गांव में प्रस्तावित था।

    माननीय मुख्य मंत्री को ग्राम गोमहर स्वo विनोद प्रसाद जी जो जद(यू) के प्रखंड अध्यक्ष थे, के श्राद्ध कार्यक्रम में तथा हरनौत के ग्राम नेहुसा स्वo राम कृष्ण पंडित जी भूतपूर्व स्वतंत्रता सेनानी व प्रधानाध्यक के पूण्य तिथि पर आयोजित श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने आना था।

    अभी-अभी माननीय मुख्यमंत्री स्वo विनोद जी घर पर श्रंद्धांजलि अर्पित कर ग्राम नेहुसा के लिए रवाना हो गए।

  • डकैत कुसुमा नाइन की 58 वीं जन्मदिन पर विशेष

    राकेश बिहारी शर्मा—-इंसान के साथ हो रहे अन्याय को न्याय व्यवस्था द्वारा न्याय देने की परंपरा हमेशा से चली आई है। लेकिन कुछ लोग होते हैं जो अपने साथ हुए अन्याय के बाद न्याय व्यवस्था पर भरोसा नहीं कर पाते। जो लोग कानून को हाथ में ले कर अपना बदला खुद लेते हैं, उनकी समाज में दो तरह की छवि बन जाती है, साधु या सैतान। ‘दस्यु सुन्दरी कुसुमा नाइन’ एक ऐसा ही नाम है, जो सोचने पर मजबूर कर देती है कि उसके बारे में कौन सा राय बनाना उचित रहेगा? कुछ लोगों के लिए कुसुमा सच में देवी थीं, तो कुछ के लिए आज भी वह एक कुख्यात डकैत और कई लोगों के लिए हत्यारन हैं।
    माथे पर काला टीका, सिर पर लाल पट्टी, हाथ में बंदूक और बदन पर खाकी वर्दी। कुसुमा नाइन नाजुक हाथों ने जब हथियार उठाये तो चंबल के बड़े-बड़े डाकू उसके बागी तेवरों से डरते नजर आये। बीहड़ पट्टी से लेकर पूरे चंबल के चप्पे-चप्पे तक उसके नाम से ही बड़े-बड़े डकैत खौफजदा हो जाते थे।
    कुसुमा नाइन ने बीहड़ में दो दशक तक राज किया। इस दौरान आमजनों से लेकर धन्नासेठों तक में उसके नाम की खौफ थी। वह पुलिस की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शुमार हो गई लेकिन उसे न कानून का खौफ था और न ही पुलिस का डर।

                                             कुसुमा नाइन का जन्म और माधव मल्लाह से शादी

    कुसुमा नाइन का जन्म भगवान बलराम जयंती के दिन शुक्रवार दिनांक 28 अगस्त 1964, भाद्रपद के कृष्ण पक्ष षष्ठी, अश्विनी नक्षत्र में उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के टिकरी गांव में बेहद गरीब नाई परिवार के कटासी नाई के घर हुआ था। ज्योतिष के अनुसार अश्विनी नक्षत्र में जन्मे बच्चे ऊर्जावान के साथ-साथ सक्रिय भी रहते हैं। इनको छोटे-मोटे काम से संतुष्टि नहीं मिलती, ये हमेशा बड़े और महत्वपूर्ण कार्यों को करने में ही ज्यादा आनंद प्राप्त करते हैं। हर काम को समय पर और तेजी से निपटाना इनकी आदत होती है। अपनी फूर्ति और सक्रियता के चलते कार्यस्थल पर हर किसी की नजर में रहते हैं। ये जिद्दी स्वभाव के साथ-साथ शांत प्रवृति के भी होते हैं।
    कुसुमा नाइन के पिता मजदूर थे और उनके पास में थोडीशी जमीन थी। थोड़ी बड़ी होने पर कटासी नाई की एकलौती बेटी कुसुमा ने स्कूल जाना शुरू किया और कुछ सालों बाद ही उसे एक लड़के से प्यार हो गया।
    कुसुमा जब महज तेरह साल की थी तभी वह अपने घर के बगल वाले पड़ोसी प्यार यानी माधव मल्लाह के साथ घर से भाग गई। लेकिन पिता कटासी नाई की शिकायत पर पुलिस ने उन्हें दिल्ली में पकड़ लिया। फिर माधव मल्लाह पर डकैती का केस लगा और कुसुमा के पिता ने उसकी शादी करौली गांव के केदार नाई से कर दी। बता दें कि माधव मल्लाह चंबल के कुख्यात डकैत विक्रम मल्लाह का साथी था। शादी की खबर पाने के कुछ माह बाद माधव गैंग के साथ कुसुमा के ससुराल पहुंचा और उसे अगवा कर लिया और फिर माधव मल्लाह और गैंग के साथीयों ने कुसुमा के साथ सामूहिक बलात्कार भी किया। माधव, उसी विक्रम मल्लाह का साथी था, जिसके साथ फूलन देवी का नाम जुड़ता था।

                             विक्रम से दुश्मनी व लालाराम से दोस्ती और 15 मल्लाहों की हत्या

    डकैत विक्रम मल्लाह की गैंग में रहने के दौरान ही उसे फूलन के जानी दुश्मन डकैत लालाराम को मारने का काम दिया गया। लेकिन फूलन से अनबन के कारण बाद में कुसुमा नाइन, डकैत लालाराम के साथ ही जुड़ गई। फिर विक्रम मल्लाह से बलात्कार का बदला लेने के लिए उसे मार दी। इसी कुसुमा नाइन और लालाराम ने बाद में सीमा परिहार का अपहरण किया था, जो कि कुख्यात डकैत के रूप में उभरकर सामने आई थी। 14 मई 1981 को फूलन देवी ने बेहमई कांड में 22 राजपूतों को गोलियों से भुन दिया था। बेहमई कांड के बाद फूलन ने सरेंडर कर दिया था। इसके बाद बीहड़ में कुसुमा नाइन का दबदबा तो बढ़ा ही बल्कि लूट, डकैती और हत्या की सैकड़ों घटनाओं को अंजाम भी दिया। वह अपनी क्रूरता के लिए भी कुख्यात थी। जिसमें वह किसी को जिंदा जला देती थी तो किसी की आंखें निकाल लेती थी। 26 मई 1984 को कुसुमा का नाम सुर्खियों में तब आया, जब उसने बेहमई कांड का बदला लेने के लिए मइअस्ता गांव में 15 मल्लाहों को एक साथ गोली मार दी थी।
    इसी घटना के बाद उसकी डकैत लालाराम से भी अनबन हो गई और वह डकैतों के सरदार गुरु रामाश्रय (रामआसरे) तिवारी उर्फ फक्कड़ बाबा से जुड़ गई। उस पर एक रिटायर्ड एडीजी समेत कई पुलिसवालों की हत्या का भी आरोप था। कई सालों बाद उसका बीहड़ों से मन उब गया। 8 जून 2004 को कुसुमा नाइन और फक्कड़ ने अपनी पूरी गैंग के साथ पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। अभी कुसुमा जिला कारागार कानपुर में है और उम्रकैद की सजा काट रही है।
    यह कहानी डाकू फूलन देवी की नहीं है। पर असल जिंदगी में वो फूलन देवी से कहीं ज्यादा खूंखार रही। ये उस महिला डाकू की कहानी है जिसकी हनक में फूलन देवी की परछाई तो है। पर गुस्से में वो फूलन से कहीं आगे रही। बेशक फूलन देवी ने 22 राजपूत लोगों को एक साथ लाइन में खड़ा कर गोली मार दी थी। तो इस महिला डाकू कुसुमा नाइन ने 15 मल्लाहों को एक साथ गोली मारी थी। और किसी से बदला लेने के लिए ये दुश्मन की आंखें ही निकाल लेती थी। तो किसी को जिंदा ही जला देती थी। जिस डकैत के गैंग में इसका रुतबा था। उसने एक बार बहस करते हुए इस कुसुमा डाकू को मां की गाली दे दी। फिर क्या हुआ? उस कुसमा ने तुरंत कहा कि… अभी तुम्हें गोली से उड़ा दूंगी। फिर डाकुओं का सरगना कहता है… मैंने तुझे जमीन से आसमां पर पहुंचाया है। मत भूल अपनी औकात। तब कुसमा कहती है कि… तुम्हारी औकात नहीं कि अब मुझे आसमान से नीचे ला सको। आज अब जेल में रहते हुए पुजारिन बन गई है।

                                       बेहद खतरनाक और जिद्दी है डकैत कुसुमा नाइन

    कुसुमा नाइन बेहद खतरनाक डकैत थी अपने जमानें की। इनका बीहड़ के साथ आसपास के जिलों में आतंक था। इनके उपर 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। इसमें ज्यादातर मामले अपहरण और फिरौती न मिलने पर कत्ल करने के मामले हैं। ये अपने गैंग के साथ पकड़ खरीदकर फिरौती वसूलते थे। कानपूर-राजपुर के खोजारामपुर निवासी हरदेव सिंह का गांव के ही मानसिंह से जमीनी विवाद चल रहा था। मानसिंह का पुत्र करन दस्यु लालाराम का दामाद था। 28 अगस्त 1983 की शाम डकैत लालाराम अपने गिरोह के साथ समधी के जमीन विवाद को निपटाने के लिए गांव पहुंचा। हरदेव सिंह मिले तो डकैतों ने घेर लिया और उन्हें गोली मार दी। इस मामले में सिकंदरा थाने (अब राजपुर थाना) में लालाराम, उसके भाई श्रीराम, कुसुमा नाइन और ओमप्रकाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। अब कुसुमा को छोड़कर अन्य सभी की मौत हो चुकी है। गोली मारने के मामले में वादी नरेंद्र सिंह ने अदालत में अपने बयान दर्ज कराए। अदालत में मौजूद कुसुमा को उसने पहचानते हुए कहा कि इसी महिला डकैत ने हरदेव सिंह को पहली गोली मारी थी। उसके बाद अन्य डकैतों ने गोलियां चलाई।

                             अपर्हित को छोडनें के लिए 50 लाख के साथ बीहड़ में बुलाया था

    हरदेव मर्डर केस में आरोपी फक्कड़ बाबा और कुसुमा नाइन को उम्र कैद की सजा सुनाई गई। इन्होंने कल्याणपुर निवासी हरदेव आदर्श शर्मा को अपर्हित कर 50 लाख की फिरौती मांगी थी। रकम न मिलने पर हरदेव का मर्डर कर दिया था। कोर्ट ने सजा के साथ 35-35 हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कल्याणपुर निवासी हरदेव आदर्श शर्मा कृषि भवन (नई दिल्ली) में उप-निदेशक गृह के पद से रिटायर हुए थे। 4 जनवरी 1995 को हरदेव आदर्श शर्मा एक शादी में गए, वहीं से डकैत राम आसरे उर्फ फक्कड़ बाबा और कुसुमा नाइन ने अपहरण कर लिया था। कुछ दिनों के बाद डकैत राम आसरे ने हरदेव आदर्श शर्मा के पास लेटर भेजा जिसमें लिखा था- अपने पापा को छुड़वाना चाहते हो तो 50 लाख रुपए लेकर बीहड़ में मिलो। फिरौती की रकम बड़ी थी, घर वाले लोग इंतजाम नहीं कर सके। कुछ दिन बाद उनका शव इटावा के सहसो गांव पास सड़क पर पड़ा मिला था।

                          फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया डकैत फक्कड़ और कुसुमा नाइन का फैसला

    लगभग 22 साल तक चले केस का फैसला जज अफसा की फास्ट ट्रैक कोर्ट नं. 52 में सुनाया गया। केस में बेटे पवन कुमार शर्मा ने ही फक्कड़ बाबा और कुसुमा नाइन की पहचान की थी। उसकी गवाही के बेसिस पर सजा सुनाई गई।

                     दस्यु सुंदरी कुसुमा नाइन और फक्कड़ बाबा का पूरे गिरोह समेत आत्मसमर्पण

    उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में आतंक का पर्याय रहे कुख्यात डकैत रामआसरे चौबे उर्फ फक्कड़ बाबा उसकी खास सहयोगी डकैत सुंदरी कुसमा नाइन सहित पूरे गिरोह ने 8 जून 2004 को भिंड जिले के दमोह पुलिस थाने की रावतपुरा चौकी पर समर्पण किया। पिछले कई साल से फक्कड़ बाबा गिरोह पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहा था। भिंड के पुलिस अधीक्षक साजिद फरीद शापू के समक्ष गिरोह के सभी सदस्यों ने बिना शर्त समर्पण किया। फक्कड़ बाबा पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक लाख और मध्य प्रदेश पुलिस ने 15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। कुसमा नाइन पर उत्तर प्रदेश ने 20 हजार और मध्य प्रदेश ने 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। गिरोह ने उत्तर प्रदेश में करीब 200 से अधिक और मध्य प्रदेश में 35 अपराध किए हैं। समर्पण करने वाले गिरोह के अन्य सदस्यों में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का राम चंद वाजपेयी, इटावा के संतोष दुबे, कमलेश वाजपेयी, घूरे सिंह यादव और मनोज मिश्रा, कानपुर का कमलेश निषाद और जालौन का भगवान सिंह बघेल शामिल रहे। इस समर्पण के पीछे किसी ने मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभाई है। फक्कड़ बाबा और उसके गिरोह ने अपनी इच्छा से आत्मसमर्पण किया है। फिलहाल इन्हें कानपूर जेल में रखा गया है। गिरोह के खिलाफ अपहरण के अलावा हत्या व डकैती के आरोप भी हैं। कुसमा नाइन, फक्कड़ बाबा गिरोह ने कई विदेशी हथियार भी पुलिस को सौंपे हैं। इनमें अमेरिका निर्मित 306 बोर की तीन सेमी-ऑटोमेटिक स्प्रिंगफील्ड राइफलें, एक ऑटोमेटिक कारबाइन, बारह बोर की एक डबल बैरल राइफल और कुछ दूसरे हथियार शामिल हैं। ये नेपाल और पाकिस्तान के रास्ते तस्करी के जरिए डकैत गिरोहों तक पहुंचते हैं।