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  • बिहार के गर्भाशय घोटाले के मामलें पर पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई की

    15 नवंबर 2022 । पटना हाईकोर्ट ने बिहार के गर्भाशय घोटाले के मामलें पर सुनवाई की। जस्टिस ए अमानुल्लाह की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को अगली सुनवाई में जवाब देने का निर्देश दिया।

    पिछली सुनवाई करते कोर्ट ने इन मामलों में केंद्रीय कानून के तहत मामलें दर्ज करने के सम्बन्ध हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था।

    ये जनहित याचिका वेटरन फोरम द्वारा दायर की गई थी। कोर्ट ने पूर्व की सुनवाई में राज्य सरकार के मुख्य सचिव को अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा हलफनामा पर दायर करने का निर्देश दिया था।

    पिछली सुनवाई में कोर्ट में उपस्थित एडवोकेट जनरल ने कोर्ट को बताया था कि इस जनहित याचिका में दिए गए तथ्य वास्तविक नहीं हैं।उन्होंने बताया कि बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग के समक्ष साढ़े चार सौ इस तरह के मामलें आए थे।

    राज्य सरकार के जांच के बाद नौ जिलों में गर्भाशय निकाले जाने के सात सौ दो मामलें आए थे।इन मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई और आगे की कार्रवाई चल रही है।उन्होंने कोर्ट को बताया था कि पीड़ित महिलाओं को क्षतिपूर्ति राज्य सरकार ने पचास पचास हजार रुपये पहले ही दे दिए।

    इसके बाद बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने आदेश दिया था कि यह राशि बढ़ा कर डेढ़ और ढाई लाख रुपए बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाए।महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया था कि क्षतिपूर्ति की राशि देने के लिए राज्य सरकार ने 5.89 करोड़ रुपए निर्गत कर दिए गए है।

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    कोर्ट ने राज्य सरकार से जानना चाहा था कि किन किन धाराओं के दोषियों के विरुद्ध मामलें दर्ज किये गए।मानव शरीर से बिना सहमति के अंग निकाला जाना गंभीर अपराध है।इसलिए उनके विरुद्ध नियमों के तहत ही धाराएं लगानी जानी चाहिए।

    याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया था कि सबसे पहले ये मामला मानवाधिकार आयोग के समक्ष 2012 में लाया गया था।2017 में पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका वेटरन फोरम ने दायर किया गया था।

    इस मामलें पर अगली सुनवाई 7 दिसंबर,2022 को की जाएगी।

  • “छोटा परिवार सुखी परिवार” के लिए पुरुष वर्ग को आगे बढ़ने की जरूरत

    पूर्णियां/बालमुकुन्द यादव 

    पूर्णिया : पुरुष नसबंदी को लेकर समाज में कई तरह का भ्रम फैलाया जाता है। लेकिन इस भ्रम को तोड़ते हुए “छोटा परिवार सुखी परिवार” की अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिए पुरुष वर्ग को आगे आने की आवश्यकता है। उक्त बातें प्रभारी सिविल सर्जन डॉ आरपी मंडल ने कही। जिले में 14 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलने वाले मिशन परिवार विकास अभियान को लेकर जीएमसीएच परिसर के एएनएम स्कूल सभागार में आयोजित पुरुष नसबंदी पखवाड़ा के दौरान एक दिवसीय कार्यशाला में वे बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पुरुष नसबंदी मामूली शल्य प्रक्रिया द्वारा बहुत ही कम समय में किया जाता है। इसके लिए सीमित संसाधन, बुनियादी ढांचा एवं देखभाल की आवश्यकता पड़ती है

    पुरूष नसबंदी कराने से पौरुषता में कोई कमी नहीं आती: डीपीएम

    जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में पुरुष नसबंदी पखवाड़ा को सफल बनाने के लिए ज़िलें के सभी प्रखंडों को परिवार नियोजन से संबंधित स्थायी तौर पर सुविधाओं का लाभ देने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। महिलाओं के लिए बंध्याकरण एवं पुरुषों के लिए पुरुष नसबंदी की सुविधा दी जानी है। इसके लिए सभी प्रखंडों को पूरे पखवाड़े के दौरान अधिक से अधिक महिला बंध्याकरण के अलावा पुरुष नसबंदी कराने का भी लक्ष्य दिया गया है। महिला बंध्याकरण की अपेक्षा पुरुष नसबंदी सहज एवं सुलभ होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे पुरुषों की पौरुषता में भी कोई कमी नहीं आती है

    गर्भनिरोधक संसाधनों के वितरण के दौरान विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता: डीसीएम

    डीसीएम संजय कुमार दिनकर ने कहा कि जिले में जनसंख्या स्थिरीकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई तरह के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि पखवाड़े के दौरान आशा कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भनिरोधक साधनों में कंडोम एवं गोलियों सहित कई संसाधनों के वितरण को लेकर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता होती हैं। कई बार ऐसा देखा गया है कि परिवार नियोजन से संबंधित उपायों को अपनाने वाले लाभार्थियों को संकोच होता है। इसलिए अलग से स्वास्थ्य विभाग द्वारा कंडोम या गर्भनिरोधक गोली के अतिरिक्त पैकेट की आपूर्ति की जाएगी। लाभार्थी बार-बार स्वास्थ्य केंद्र आने या एक से अधिक बार संपर्क करने से बच सकेंगे

    इस अवसर पर आइसीडीएस की डीपीओ राखी कुमारी, डीपीएम ब्रजेश कुमार सिंह, डीसीएम संजय कुमार दिनकर, डीसीक्यूए डॉ अनिल कुमार शर्मा, इपिडिमियोलॉजिस्ट नीरज कुमार निराला, जीविका के डीपीएम सुनिर्मल, शहरी स्वास्थ्य केंद्र के सलाहकार मो दिलनवाज़, ज़िले के सभी एमओआईसी, सीडीपीओ, बीएचम, बीसीएम, अस्पताल प्रबंधक, केयर इंडिया के डिटीएल आलोक पटनायक, डीपीएचओ सनत गुहा, सोमेन अधिकारी, सिफार के धर्मेंद्र रस्तोगी सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड का कार्यक्रम आयोजित हुई

    पूर्णिया:-सिटी हलचल न्यूज़ 

      सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड का जिला स्तरीय  निर्माण क्षमता कार्यक्रम का आयोजन मरंगा के विद्या विहार इंस्टीट्यूट में किया गया जिसमें पूर्णिया जिले के लगभग 200 वीएलई ने भाग लिया जिसके तहत उन्हें सीएससी पोर्टल पर उपलब्ध सभी सरकारी और गैर सरकारी सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई 

    इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सीएससी हेड ऑफिस(पटना) से जोनल हेड विकास कुमार, कुमार गौरव तथा सीएससी पूर्णिया डिस्टिक मैनेजर अभिषेक दत्त तिवारी,कृष्ण कुमार शर्मा तथा डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर अशोक गुप्ता ने अपना वक्तव्य दिया।इस अवसर पर मुख्य ट्रेनर के रूप में कई कंपनी के अधिकारियों ने भाग लिया जिसमें महिंद्रा रिलायंस, एलआईसी, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक प्रमुख हैं

    इन सभी ने अपनी सर्विस से संबंधित बाते वीएलई तक रखी। आज के इस कार्यक्रम में अनेक सीएससी व वीएलई को सीएससी में बेहतर कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया, तथा उन्हें ट्रॉफी और सर्टिफिकेट भी वितरण किया गया। मंच का संचालन सीएससी पूर्णिया के जिला प्रबंधक अभिषेक दत्त तिवारी ने किया।

  • प्रशासन के नाक के नीचे धरल्ले से फल-फूल रहा माइनिंग

     

    पूर्णियाँ: बायसी/मनोज कुमार

    बायसी प्रखंड में परमाण नदी में लगातार कुछ रुपये के लालची लोगों के द्वारा माइनिंग का काम धड़ल्ले से फल फूल रहा है बताते चले कि जहां एक ओर जनप्रतिनिधि बाढ़ प्रभावित गांव को बचाने के लिए नदी कटाव रोकने हेतु लगातार बॉल्र्डर पीचिंग और अन्य नदी कटाव रोधक कार्य के लिए प्रयत्नशील हैं समस्या को लगातार आंदोलन और विधानसभा सत्र में रखकर गांव को बचाने का प्रयास कर रहे हैं

    वहीं दूसरी ओर कुछ रुपए के लालची लोगों द्वारा प्रशासन को ताक पर रखकर नदी को जेसीबी से काटकर नदी कटान को तेज कर रहे हैं,अब इन सभी में सबसे बड़ा सवाल यह आता है कि आखिर यहां कि प्रशासन क्या कर रही है जबकि सभी मिट्टी से लदा गाड़ियां प्रशासन के मुख्यालय के सामने से ही गुजरती है लोगों में कहीं ना कहीं प्रशासन के प्रति भी उंगली उठ रही है

    और सबसे बड़ी समस्या है कि ग्रामीण चाह कर इन लोगों खिलाफ ब्यान नहीं दे पा रहे हैं अब देखना होगा कि यहां के आला-अधिकारी और जनप्रतिनिधि मिट्टी काटकर नदीकटाव करने वाले को रोकते हैं या फिर ऐसे हीं धड़ल्ले से प्रशासन के नाक के नीचे माइनिंग माफिया मालामाल और गरीब मजबुर ग्रामीण लोग परेशान होता रहेगा।

  • गढ़िया बलुआ पंचायत में ग्राम सभा का आयोजन

     

    पूर्णियाँ/प्रितेश

    श्रीनगर – श्रीनगर प्रखंड  क्षेत्र के गढ़िया बलुआ पंचायत में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। पंचायती राज विभाग बिहार, अपर सचिव पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार, ज़िला पंचायत राज पदाधिकारी पूर्णिया एवं प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी के आलोक में ग्राम पंचायत गढ़िया बलुआ के सरकार भवन में मुखिया सुनील कुमार पासवान के अध्यक्षता में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इसमें सबकी योजना सबका विकास के तहत ग्राम पंचायत विकास योजना कार्यक्रम (जीपीडीआर) के अंतर्गत सभी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया

    इस ग्राम सभा में पंचायत सचिव राजीव कुमार यादव ,पीआरएस प्रवीण वर्मा , लेखापाल रीमा घोष, जेई रंधीर यादव , किसान सलाहकार  राजेन्द्र मेहता , उपमुखिया भावना आनंद ,सरपंच भरत पासवान, वार्ड सदस्य भारती देवी, निरंजन मेहता, आसमाँ ख़ातून, अकरम, मनोज रजक, अर्जुन मेहता, आदि जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पंचायत स्तरीय विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों के बारे में बताते हुए मुखिया जी ने बताया जिस भी व्यक्तियों का लेबर कार्ड, काला कार्ड, वृद्धा पेंशन , विधवा पेंशन, रानी लक्ष्मीबाई पेंशन के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। वहीं उप मुखिया भावना आनंद ने कहा कि पंचायत में सड़क, गली, सामुदायिक भवन, विवाह भवन  आदि किसी भी तरह के समस्या का समाधान यथा संभव किया जाएगा

    सचिव राजीव कुमार यादव ने ग्राम सभा में बताया कि वृद्धा पेंशन के योग्य व्यक्ति को अगर पेंशन योजना में किसी भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है तो वैसे व्यक्ति हम से मिले उनकी परेशानियों को जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा। वहीं पीआरएस प्रवीण वर्मा ने भी बताया कि वैसे व्यक्ति जिनका लेबर कार्ड नहीं बना है या उनके कार्ड में किसी प्रकार की परेशानी है तो मिले यथा संभव मदद किया जाएगा ।

  • क्या आप जानते है एक ट्रेन की कीमत कितनी है? और बनने में कुल कितना खर्चा आता है…


    डेस्क : भारतीय रेलवे में हर दिन लाखों लोग यात्रा करते हैं और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए ट्रेन की सुविधा का लाभ उठाते हैं। अलग-अलग कैटेगरी के लोग कीमत के हिसाब से टिकट बुक करते हैं। जनरल कोच से लेकर स्लीपर और एससी कोच तक की सीटें फुल हैं।

    कई ट्रेनों में हाई क्लास कोच भी मौजूद होते हैं, जिनमें लोग सफर करना पसंद करते हैं। भारतीय रेलवे दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है और इसमें रोजाना लाखों लोग यात्रा करते हैं। फिलहाल,क्या आपने कभी ट्रेन के निर्माण की लागत के बारे में सोचा है?

    एक ट्रेन की लागत कितनी है?

    एक ट्रेन की लागत कितनी है? : ट्रेन में आपको बिजली, पानी, वॉशरूम, पंखा, एसी जैसी सुविधाएं मिल जाती हैं, लेकिन ट्रेन का इंजन और कोच बनाने में कितना खर्च आता है इसका अंदाजा आपको नहीं होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय रेलवे के एक इंजन को तैयार करने में 15 से 20 करोड़ रुपये का खर्च आता है।इन ट्रेनों का निर्माण भारत में ही होता है, इसलिए लागत ज्यादा नहीं है। मालूम हो कि भारतीय रेलवे का इंजन बनाने के दो तरीके हैं, एक- इलेक्ट्रिक और दूसरा- डीजल। जानकारी के मुताबिक भारत में इस समय करीब 52 फीसदी ट्रेनें डीजल से चलती हैं।

    एक इंजन की कीमत करीब 20 करोड़ रुपये है।

    एक इंजन की कीमत करीब 20 करोड़ रुपये है। : डुअल मोड लोकोमोटिव ट्रेन की लागत लगभग 18 करोड़ रुपये है, जबकि 4500 एचपी डीजल लोकोमोटिव की लागत लगभग 13 करोड़ रुपये है। वहीं,एक सामान्य यात्री ट्रेन को बनाने में 50 से 60 करोड़ रुपये खर्च होते हैं,क्योंकि एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में सुविधाएं कम हैं। एक एक्सप्रेस ट्रेन में कुल 24 कोच होते हैं और प्रत्येक कोच को बनाने में करीब 2 करोड़ रुपये का खर्च आता है।

    कोचों की कुल लागत करीब 50 करोड़ और फिर इंजन की 20 करोड़ रुपये है। दोनों को मिलाकर 70 करोड़ रुपये की एक्सप्रेस ट्रेन तैयार की जाती है। हालांकि, कोच की सुविधाओं के हिसाब से इनकी कीमत अलग-अलग होती है। एसी कोच सामान्य और स्लीपर की तुलना में महंगे हैं।

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  • कटी हुई कपास की फसल का प्रबंधन कैसे करें? पता लगाना

    हैलो कृषि ऑनलाइन: खेतप्यारे दोस्तों, इस साल के खरीफ सीजन में भारी बारिश के कारण हालांकि कपास की फसल को नुकसान हुआ है, लेकिन किसानों को उम्मीद है कि बाकी फसल कट जाएगी और उसमें से कुछ निकलेगा। फिलहाल कपास की फसल की तुड़ाई चल रही है। ऐसी स्थिति में कपास की फसल का प्रबंधन कैसे करें, इसकी जानकारी वसंतराव नाइक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय, परभणी की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा योजना की विशेषज्ञ समिति ने कृषि मौसम के आधार पर कृषि सलाह निम्नानुसार दी है।

    कपास की फसल में प्रबंधन

    1) तैयार कपास की फसल में निराई-गुड़ाई कर देनी चाहिए।


    2) यदि कपास के पौधे पर 40 से 50 प्रतिशत बालियां टूट जाती हैं तो तुड़ाई कर लेनी चाहिए।

    3) पंद्रह दिनों के अंतराल पर पूछताछ की जानी चाहिए। कपास को पूरी तरह से खुले हुए डोडे़ से ही तोड़ना चाहिए।


    4) पहली और दूसरी तुड़ाई की अच्छी और खराब कपास को अलग-अलग रखना चाहिए।

    5) लल्या: देर से बोई गई कपास की फसल में यदि पछेती झुलसा रोग का प्रकोप दिखाई दे तो इसके प्रबंधन के लिए 20 ग्राम मैग्नीशियम सल्फेट प्रति 10 लीटर पानी में 15 दिन के अंतराल पर दो छिड़काव करना चाहिए।


    6) रस चूसने वाले कीट: देरी से बोई गई कपास की फसल में रस चूसने वाले कीड़ों (बोतल, सुंडी, सफेद मक्खी) के प्रबंधन के लिए नीम्बोली का अर्क 5% या लिकेनिसिलियम लाइसानी (जैविक कवकनाशी) प्रति किग्रा या फालोनीकेमिड 50% 60 ग्राम या डायनेटोफ्यूरॉन 20% 60 ग्राम या पायरीप्रोक्सीफेन 5% + डिफेंथुरॉन 25% (पूर्व मिश्रित कीटनाशक) 400 ग्राम प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करना चाहिए।

    7) गुलाबी सुंडी: देर से बोई गई कपास की फसल पर पिंक बॉलवर्म के प्रबंधन के लिए 5 हेक्टेयर में पिंक बॉलवर्म ट्रैप लगाना चाहिए। यदि संक्रमण अधिक है तो प्रोफेनोफॉस 50% 400 मिली या इमामेक्टिन बेंजोएट 5% 88 ग्राम या प्रोफेनोफॉस 40% + साइपरमेथ्रिन 4% 400 मिली या थायोडिकार्ब 75% 400 ग्राम प्रति एकड़ वैकल्पिक रूप से छिड़काव करें।


    8) दही: देर से बोई गई कपास में दहिया रोग के प्रबंधन के लिए एज़ोक्सिस्ट्रोबिन 18.2% + डाइफेनकोनाज़ोल 11.4% एससी 10 मिली या क्रेसॉक्सिम-मिथाइल 44.3% एससी 10 मिली प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए।

    भारी बारिश से कपास को ज्यादा नुकसान

    राज्य में बेमौसम बारिश से सोयाबीन और कपास की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इससे उत्पादन में कमी आने की आशंका है। बारिश के कारण कपास की तुड़ाई में देरी हुई है। कपास की सर्वाधिक खेती विदर्भ में होती है। विशेषज्ञ कीमतों में तेजी देखकर किसानों को धीरे-धीरे कपास बेचने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। वहीं, किसानों को 11000 रुपए प्रति क्विंटल के भाव मिलने की उम्मीद है।


    कपास का वर्तमान बाजार मूल्य

    बाजार समिति जाति/कॉपी आयाम आय न्यूनतम दर अधिकतम दर सामान्य दर
    15/11/2022
    आष्टी (वर्धा) AKH 4 – लंबा स्टेपल क्विंटल 220 9100 9200 9150
    मनावत स्थानीय क्विंटल 500 9000 9465 9300
    चिमूर मध्यम स्टेपल क्विंटल 31 9000 9051 9025
    14/11/2022
    सावनेर क्विंटल 800 9000 9100 9050
    खरीद फरोख्त क्विंटल 112 8800 9100 9000
    रालेगांव क्विंटल 500 8800 9250 9000
    समुद्री बाढ़ क्विंटल 133 9250 9350 9300
    आष्टी (वर्धा) AKH 4 – लंबा स्टेपल क्विंटल 310 9000 9211 9100
    अरवी H-4 – मीडियम स्टेपल क्विंटल 247 9200 9321 9290
    कलामेश्वर हाइब्रिड क्विंटल 270 8500 9100 8800
    उमरेड स्थानीय क्विंटल 304 9000 9160 9050
    मनावत स्थानीय क्विंटल 1151 8700 9521 9400
    वरोरा-मधेली स्थानीय क्विंटल 186 8451 9061 8800
    corpana स्थानीय क्विंटल 300 8500 9121 8900
    मंगरुलपीर लंबा स्टेपल क्विंटल 148 9000 9300 9200
    सिंडी (सेलू) लंबा स्टेपल क्विंटल 23 8800 9000 8950
    वर्धा मध्यम स्टेपल क्विंटल 90 9000 9325 9250
    चलो भी मध्यम स्टेपल क्विंटल 58 7180 8350 7950
    चिमूर मध्यम स्टेपल क्विंटल 6 9000 9051 9025

  • अंबेडकर सेवा सदन में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती मनी

    पूर्णिया/बालमुकुन्द यादव 

    -महान स्वतंत्रता सेनानी आदिवासी समुदाय के भगवान माने जाने वाले बिरसा मुंडा का जन्मदिवस समारोह मंगलवार को अंबेडकर सेवा सदन पूर्णिया में जिन्नत लाल राम के अध्यक्षता में मनाया गया ।इस अवसर पर पूर्णिया के गणमान्य लोगों ने बिरसा मुंडा जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया। इस अवसर पर उपस्थित बहुजन क्रांति मोर्चा के प्रमंडलीय प्रभारी सह राजद के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर आलोक कुमार ने बिरसा मुंडा के जन्मदिवस  पर उनके क्रांतिकारी जीवन पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर आलोक ने कहा कि आज का दिन देश में जनजातीय ‘गौरव दिवस’ के रुप में मनाया जाता है

    भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में बिरसा मुंडा एक महत्वपूर्ण व्यक्ति बन गये। ब्रिटिश शासन के द्वारा इन्हें सामंतो एवं ब्रिटिशों से विद्रोह के कारण जेल में बंद कर दिया गया ‌। औपनिवेशिक और स्थानीय अधिकारियों द्वारा अनुचित भूमि हथियाने की प्रथा को मुंडा समुदाय के लोगों का नेतृत्व करते हुए अपने युवा काल में ही जेल में अंतिम सांस लिया। अंग्रेजों ने जहर देकर इन्हें 25 वर्ष की आयु में ही मौत के कगार पर पहुंचा दिया

    इस अवसर पर उपस्थित इंजीनियर सुरेश शर्मा ने कहा कि 19वीं शताब्दी के अंत में बंगाल प्रेसीडेंसी में पैदा हुए एक आदिवासी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक अध्याय जोड़ा। इस अवसर पर उपस्थित बुद्धिस्ट इंटरनेशनल के अध्यक्ष शंभू दास, किसान नेता शत्रुघ्न यादव, प्रदीप पासवान, निप्पू पासवान, जदयू नेता मनोज पासवान , रंजीत पासवान महिला नेत्री श्वेता कुमारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

  • गैस एजेंसी में चोरी करने वाले 3 चोर सामान के साथ गिरफ्तार

     

    कटिहार/मणिकांत रमण

    नगर थाना पुलिस ने गैस एजेंसी चोरी मामले का सफल उद्भेदन कर लिया है। एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित टीम ने चोरी गये समान को बरामद कर तीन चोरों को गिरफतार कर लिया है। मामले में सदर एसडीपीओ ओमप्रकाश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि विगत 12 नवंबर की रात अज्ञात चोरों द्वारा चौधरी मोहल्ला स्थित कटरा में चल रहे जनहित गैस एजेंसी का शटर काटकर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। जिसमें चोरों द्वारा लैपटॉप, डेक्सटॉप, यूपीएस आदि सामान की चोरी की गयी थी। इस संदर्भ में नगर थाना में मामला दर्ज किया गया था। चोरी की घटना के उद्भेदन तथा अज्ञात चोरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया

    गठित टीम के द्वारा घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी का अवलोकन किया गया। साथ ही तकनीकी सर्विलांस के आधार पर गुप्तचर की मदद से मामले का सफल उद्भेदन कर लिया गया। इस कांड में संलिप्त अप्राथमिकी अभियुक्त विकास कुमार पिता सहदेव राय सा० नया टोला तीनगछिया एवं शिवम कुमार उर्फ गोलू पिता संजय यादव साकिन नया टोला दोनों नगर थाना जिला कटिहार को अपने-अपने घर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ एवं अपराध स्वीकारोक्ति बयान में उनके द्वारा बताया गया कि चोरी गये एक एचपी कंपनी का लैपटॉप पैंतीस सौ रुपये में मोफरगंज एलडब्ल्यूसी रोड स्थित पूजा स्टूडियो एवं जनरल स्टोर के मालिक सोनू कुमार साह पिता प्रदीप साह साकिन नया टोला फुलवाड़ी को बेचा गया है

    इस आधार पर मामले में चोरी गये एचपी कंपनी का लैपटॉप बरामद करते हुए सोनू कुमार साह को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि मामले में चोरी गये सभी सामान को बरामद कर लिया गया है। बताया गया कि विकास कुमार का आपराधिक इतिहास रहा है, नगर थाना में उसके विरुद्ध कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। छापेमारी टीम में नगर थानाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह पुअनि मुकेश कुमार, रूपेश कुमार रंजन, तबरेज आलम प०पुअनि कृष्ण कुमार, पंकज प्रताप सअनि इंद्रेश कुमार को शामिल किया गया था।

  • शकुंतलम बी एड एवं आईटीआई कॉलेज में मनाया गया बाल दिवस

    सासाराम / बालमुकुन्द यादव

     सासाराम : शकुंतलम बीएड कॉलेज एवं शकुंतलम आईटीआई कॉलेज में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन के आवास पर धूमधाम से बाल दिवस कार्यक्रम मनाया गया। शकुंतलम बीएड कॉलेज एवं आईटीआई कॉलेज के संस्थान के संस्थापक सदस्य सियाराम सिंह डायरेक्टर अनिल सिंह ने बताया स्टूडेंट एंड टीचर के द्वारा केक काटकर के मनाया गया

    वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईटीआई कॉलेज के उप प्रधानाचार्य सुनील सिंह ने अपने कॉलेज के स्टूडेंट को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के निर्माण में उनका योगदान को भुलाया नहीं जा सकता आज पूरा देश में बाल दिवस बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जा रहा है

    नेहरू स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता और उन्होंने देश की आजादी में बेहद खास योगदान दिया ।था नेहरू के विचारों ने लाखों युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ने के लिए प्रेरित किया था। नेहरू के विचारों को अपनाकर हम लोग अपने जीवन में एक बेहतर बदलाव ला सकते हैं।